STORYMIRROR

Rinku Bajaj

Romance

4  

Rinku Bajaj

Romance

तैनूं याद तां करां.त..........

तैनूं याद तां करां.त..........

1 min
378

तैनूं याद तां करां

जे कदे भुलैया होवां

तुमने जब भी कहा

मैने सच मान लिया

तेरी चाहत की शिदद्त को

जैसे मैने पहचान लिया

तेरी दूरीयों मे भी

कुरबत ढूंढ ली मैने

तुम्हारे अहसास को ही

गुरूर अपना मान लिया

महक थी तेरे लफ्ज़ों मे

जो सांसों मे घुल जाती थी

तुम कहते थे मैं सुनती थी

तुमहें तुमसे ज़यादा जान लिया

फिर सुनना है इक बार तुम्हे

कह दो जो तुम कहते थे

फिर से मुझे इतराना है

कुछ तुम्हें भी याद दिलाना है

जब भी पूछा मैनें तुमसे 

एक ही बात तुम कहते थे

तैनूं याद तां करां

जे कदे भुलैया होवां 

एक बार फिर कह दो मुझसे

पास नहीं हो साथ हो मेरे

याद करना तब मुमकिन होगा

गर भूल पाऊँ अहसास को तेरे ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance