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राही अंजाना

Abstract

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राही अंजाना

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सवालों के हल

सवालों के हल

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साथ उनके दो पल मिल गए,

   कुछ सवालों के हल मिल गए।


रास्ते हो गए थे अलग,

   बैठे घुटनों के बल मिल गए।


हम बनाते रहे बागवां, 

   बीती बातों के फल मिल गए।


हार बैठे थे हिम्मत कभी,

     दोनों बाज़ू को बल मिल गए। 


छोड़ कर जो गए थे कभी, 

     वो बहाने से कल मिल गए। 



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