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SUNIL JI GARG

Tragedy Inspirational

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SUNIL JI GARG

Tragedy Inspirational

सुपर पावर वो ही है

सुपर पावर वो ही है

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पॉवर वावर बची न किसी में

हर कोई घुटने पर था आया

एक जीवाणु फैला दुनिया में

सब ओर बड़ा तहलका मचाया


सबने खोए अपने कई प्यारे

करोड़ों की जान गई मुफ्त

अब भी खतरा टला नहीं है

वैरिएशन कई पड़े हैं सुप्त


पर लगता अभी भी ये इंसा

होश में बिलकुल आया नहीं

सुपर पावर का दंभ गया नहीं

लड़ाइयों से बाज आया नहीं


ये वायरस बनते असंतुलन से

जो मानव ही पैदा करते हैं

तरक्की वरक्की बिना बात

लालच में ही सब बिगड़ते हैं


अब तो मान लो ए आदमी

धरातल पर रहो खुश रहोगे

प्रकृति से पंगा मत लिया करो

वरना जल्दी ही तुम ना रहोगे


सुपर पावर मान लो उसको

अपना सही से जियो जीवन

आगे की जेनरेशन तब ही

एंजॉय करेंगी जवानी बचपन।



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