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Neha anahita Srivastava

Abstract

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Neha anahita Srivastava

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सुनो, मीठी सी कोई बात कहो न"

सुनो, मीठी सी कोई बात कहो न"

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नसीहतों, हिदायतों से ऊबा हुआ है दिल

सच्ची लगे जो दिल को वो बात कहो न,

अच्छी लगे जो दिल को वो बात कहो न,

सुकून भरी कोई बात कहो न,

मुख़्तसर सी ज़िन्दगी की कड़वाहटों को भुला,

मिश्री सी घुल जाए जो,वो बात कहो न,

बड़ी फीकी सी हुई है ज़िन्दगानी,

कोई मीठी सी बात कहो न,प्यारी सी कोई लोरी,

भूला हुआ कोई गीत वो ज़िन्दगी का संगीत

दिल के साज पर छेड़ो न,सुनो, मीठी सी कोई बात कहो न।



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