Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

Khanak upadhyay

Abstract


2  

Khanak upadhyay

Abstract


स्त्री

स्त्री

1 min 249 1 min 249

अधूरी है कहानी बिना किसी पात्र के,

अधूरा है मस्तिष्क बिना दिमाग के,

अधूरी है आस्था बिना विश्वास के,

अधूरा है पेड़ बिना फूल के,

अधूरा है रास्ता बिना राहगिरों के,

अधूरा है इंसान बिना किसी लक्ष्य के,

अधूरा है जीवन बिना जगजन्नी के,

अधूरा है पुरूष बिना पत्नि के,

अधूरी है बेटी बिना माँ के,

अधूरी है रामायण बिना सीता के,

अधूरा है सब कुछ बिना त्याग के,

अधूरा है संसार बिना स्त्री के,

पूरा है युग,अगर है ,

नारी, महिला, स्त्री, बेटी, और बहन...


Rate this content
Log in

More hindi poem from Khanak upadhyay

Similar hindi poem from Abstract