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Lokanath Rath

Romance Tragedy Classics

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Lokanath Rath

Romance Tragedy Classics

सपनो मे तुम....

सपनो मे तुम....

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सपने में तुम

दिल में भी तुम

सपनो से दूर

दिल से तो नहीं...


फिर भी में यहाँ

तुम्हे देखता हुँ

तुम चले गये

जाओ मेरे यार....


फिर एक दिन

मुझे यकीन है

लौटना ही होगा

दिल कहता है...


तब क्या होगा

मुझे नहीं पता

मिलेंगे या नहीं

क्या तुम्हे पता...


वादा जो किया था

 में निभाता गया

तुम भूल गये

में भुला ना पाया


तेरी ही खातिर

मेरी कसम है

इंतजार तेरी

दिल करता है.........


धुंद -

चाँद मेरा दिल

चांदनी हो तुम...


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