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Keshi Gupta

Fantasy

3  

Keshi Gupta

Fantasy

समय यात्रा

समय यात्रा

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पाते ही टिकट हुई शुरू समय यात्रा 

पहुंची जब मैं भविष्य के उस पड़ाव पर 

जहां खेल रहे थे नाती पोते 

सब कुछ था डिजिटल मशीनी

घर-घर रोबोट चलते फिरते 

हर काम हो जाता बस कह देने भर से

हुआ स्वागत मेरा भी कुछ ऐसे

खुला द्वार खुद ब खुद कुछ ऐसे

सामने खड़ा रोबोट को पाया

जिसने मेरा स्वागत कह नाम दोहराया

ले गया वह मुझे लिविंग रूम में

जहां सभी बिजी थे लैपटॉप में

रोबोट से कह कॉफी नाश्ता मंगवाया

रोबोट नाश्ते में पास्ता बर्गर लाया

हमने उसे ले स्वाद पचाया

कुछ समय साथ बिताया

किया याद अपने गुजरे समय को

और फिर लोटे वापस अपने घर को



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