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Amit Kumar

Tragedy

4  

Amit Kumar

Tragedy

सलाखें.....

सलाखें.....

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ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

क्या शिकवा तुझसे करें

यह दिल भर गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है


बेड़ियाँ ईमान की

बन गई है सलाखें

बेड़ियाँ ईमान की

बन गई है सलाखें

सच ने इतना आज़माया

झुक गई है यह आंखे

होश रहना भी

अब मुहाल हो गया है ......


ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

क्या शिकवा तुझसे करें

यह दिल भर गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है


आज़ाद हुए हम किस से

बन्दिशों में है हम किसकी

आज़ाद हुए हम किस से

बन्दिशों में है हम किसकी

जिसकी खुशी चाहे दिल

बात बिगड़ गई उसकी

हाल हमारा देखो यारों

कैसा बदहाल हो गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

क्या शिकवा तुझसे करें

यह दिल भर गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है


हंसना भूल गए है

जाने कबसे हम तो

हंसना भूल गए है

जाने कबसे हम तो

रूठे तुम यार कैसे

माने न अब तक हमसे

एक तेरा याद आना

बस सुबह शाम हो गया है


ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है

क्या शिकवा तुझसे करें

यह दिल भर गया है

ज़िन्दगी तुझे जीना

मुश्किल हो गया है



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