STORYMIRROR

Naveen Singh

Tragedy

3  

Naveen Singh

Tragedy

श्रद्धांजलि: इरफ़ान खान

श्रद्धांजलि: इरफ़ान खान

1 min
31

सिनेमा का एक सितारा जो टूट गया।

पर्दा देखने का एक बहाना छूट गया।

अदाकारी का मोती सागर में समा गया।

ज़माने की ऑंखो में खुद को जमा गया।


मौत भी चैन न पाती होगी।

बस उन आँखो में गोते खाती होगी।

माटी भी तेरी मुस्कान सहेजी होगी।

जब आईने में ख़ुद की देखी होगी ।


साँस-समर में समर्पित हुए तो क्या ?

काल-कराल को अर्पित तो क्या ?

स्मृतियों में अजर रहोगे तुम।

संघर्ष-शैया पे अमर रहोगे तुम।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy