STORYMIRROR

chandraprabha kumar

Classics

4  

chandraprabha kumar

Classics

शक्ति उपासना

शक्ति उपासना

1 min
418

 शक्ति उपासना का पर्व

नव उत्साह संचार करे,

शिव प्राप्ति हेतु कठोर तप,

किया गिरिनन्दिनी गिरिजा ने।


हुई तपस्या सफल

महादेव प्रगटे स्वयं,

तब अपर्णा लज्जावनता

न जा सकी न रुक सकी। 


उग्र तप से शिखरवासिनी ने 

पशुपति को पाया पतिरूप में, 

कहा महादेव ने हुआ दास तुम्हारा 

स्व तपस्या से किया क्रीत तुमने।


कालिदास की अमर लेखनी

कुमारसंभव में निबद्ध हुई,

संरचना हुई महाकाव्य की,

उपमा कालिदास की विशिष्ट हुई।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics