STORYMIRROR

आचार्य आशीष पाण्डेय

Fantasy

4  

आचार्य आशीष पाण्डेय

Fantasy

शीर्षक-भारत के दुलारे

शीर्षक-भारत के दुलारे

1 min
446

भारत की क्षति जब धरा मिले 

तब सशस्त्र सम्मुख मिलना

जीवन हो या न हो प्यारे

तुम भारत की रक्षा करना।।


ये धर्म है सुन लो तुम

भारत के वासी हो

हृदय तुम्हारा शीतल गंगा

और गात्र से काशी हो।।


संभल सदा रहना तुम प्यारे

तुम भारत तनय हो न्यारे

सदा देश की रक्षा करना

क्योंकि तुम हो सबसे दुलारे।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy