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ayush jain

Romance

4  

ayush jain

Romance

शायरी

शायरी

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वो जानता है उसने क्या खोया है,

मुझसे जुदा होकर वो भी कहां चेन से सोया है,

बड़ी जानी पहचानी सी लगती हैं ये बारिश कि बूंदे

मुझे, लगता है मुझे याद करके वो फिर रोया है..


वो बातों बातों में सब बता रहा था,

मुँह से कुछ ओर और  आँखों से कुछ ओर जता रहा था,

और लगता है उसकी बेवफाई कि आदत अब तक नहीं गई, 

डूब मैं रहा था और वो किसी ओर को बचा रहा था..


दर्द और ग़म मिला कर वो जाम पे जाम लेता, 

दस्तक होती  है कोई तो अक्सर दिल थाम लेता है,

जब भी ज़िक्र  होता है सच्ची मोहब्बत का महफिल में,

सुना है वो आज भी मेरा नाम लेता है..


बड़ी मुश्किल से जुड़ा है दिल जो तुमने तोडा है, 

बस अब  सुधर भी जाओ अगर तुम्हें इल्म थोड़ा है,

और ये पागल क्यूँ भाग रहा है तुम्हारे पीछे-पीछे इतनी बेरहमी से, 

अच्छा तो ये वही है  तुमने इस बार जिसका दिल  तोड़ा है..


वो कहता है उसे बहुत शिकायतें है जो वो मिलने पर ही बतायेगा,

उसे कोई कह दे कि पास ना आए वो मेरे, वर्ना फिर से प्यार  हो जाएगा..


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