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Shivangi Pandey

Romance

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Shivangi Pandey

Romance

सच्चा प्यार

सच्चा प्यार

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वह आता है,

पाँव रख कर वक़्त पर

खबरों को भी नहीं मिलता

खबर उसके आने की

मैं खोलती हूँ खिड़की

झरोखे और दीवारें

और देखती हूँ

उसकी राह

बरसते हैं लम्हे सारे

भींग सी जाती है मेरी ख्वाहिशें

और मैं इन्तजार में बैठी हूँ

कि कब चांद चमकेगा

और खत्म होगा इंतजार

वो बैठा होगा मेरे बगल में

पर आज वो मुझ से रुठ गया होगा शायद

पर, कल फिर शाम होगी

मुझे फिर से उसका इंतजार होगा

शायद फिर वो बैठेगा मेरे करीब

रखेगा अपना सिर मेरे कंधे पर

और कहेगा

मुझे तुम से प्यार है

और मुझे उस रात का इंतजार रहेगा

फिर चाहे वो कभी ना खत्म होने वाला हो।।

सच्ची मोहब्बत।



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