हमारी मोहब्बत
हमारी मोहब्बत
हर रात की तरह ही
ये रात भी अधूरी रह गयी
जैसे एक खत मिला हो
बिना नाम और पता का
बिल्कुल जैसे हमारी मोहब्बत थी
रेगिस्तान में उड़ता एक सूखा पत्ता
एक अधूरी कहानी
जैसे तुम्हारा मुझसे मिलने का वादा
जैसे आधी लिखी एक नज्म
कुछ आधी ख़्वाहिशें
बिल्कुल जैसे तुम्हारी और मेरी मुलाकात
और तुम्हारा मुझे समझना
जैसे मेरी हर कविता में तुम्हारा जिक्र
जैसे तुम्हारी याद
और तुम्हारी यादों में मैं
जैसे तुम्हारा मुझे टूट कर चाहना
जैसे तुम्हारा मेरी फिक्र करना
बिल्कुल जैसे तुम्हारा मुझसे सच
और मेरा तुम से झूठ कहना
जैसे मेरी नींद
जैसे तुम्हारा मेरी आँखों में देखना
बिल्कुल हमारी मोहब्बत सी
ये रात भी अधूरी रह गयी
जैसे मेरा और तुम्हारा साथ।

