सब्र का फल
सब्र का फल
दिल के कोने में तेरी तस्वीर छिपा रखी है,
यूँ तो मेरे दिल पर तेरा कब्ज़ा है,
कोई और इस मे बस नही सकता,
पर तेरी तस्वीर और नाम यूँ छिपा दिया,
कि कोई भी वो जान ना पाए,
तेरा नाम हम लेते नही कभी,
तुझे बदनाम हम करते नहीं।
जिंदगी कट जाएगी तेरे इन्तेजार में,
हर पल हर घड़ी नजर टिकाये रहते है,
तेरे आने की उम्मीद जीने की प्रेरणा देती है,
दो पल को रुकने को कह गए थे
जाने कितनी सदिया बीत गयी,
कहते है सब की सब्र करने वालो को
निराशा नहीं मिलती,
एक ना एक रोज वो ईश्वर हम को मिलाएगा
जिसने कभी जुदा किया।

