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chandraprabha kumar

Action Thriller

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chandraprabha kumar

Action Thriller

सौंदर्य का निरालापन

सौंदर्य का निरालापन

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अदभुत मनोहरता भीषणता में भी 

अपूर्व मधुरता कटुता में भी,

गहरी आर्द्रता प्रचंडता में भी

आनंदकला शक्तिमय रूप में भी।


नीरवता के साथ सरसता भी

कोमलता के साथ कठोरता भी ,

वाणी के साथ दिव्य संगीत भी

प्रबलता के साथ ही मृदुता भी।


विरुद्धों का यह सामंजस्य ही है

जो बनाता कर्म -क्षेत्र का सौंदर्य है,

सामंजस्य ही है लोक धर्म का सौंदर्य

असौन्दर्य हटा उद्घाटित होता सौन्दर्य ।


यदि कहीं उन्मुख ज्वलन्त रोष है

तो एक ओर फैली करुणा दृष्टि भी है,

यदि कहीं ध्वंस और हाहाकार है

तो सब और रक्षा और कल्याण भी है।


लोक के मंगल का विधान धर्म है 

अभ्युदय की सिद्धि हेतु धर्म है, 

धर्म की वृत्ति उग्र और प्रचण्ड हो

अथवा कोमल और मधुर हो ।


विकास की ओर आनन्द की गति बढ़े

गति में सुन्दरता और सफलता दोनों हैं, 

गति आगे चलकर चाहे सफल हो या विफल

विफलता में भी एक निराला सौन्दर्य है।


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