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Anil Pandit

Fantasy

4  

Anil Pandit

Fantasy

सावन

सावन

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कितने सावन आए

कितने सावन गए

ये सावन कुछ खास है

बस मेरे दिल के पास है।

 

लफ्ज लफ्ज सावन है।

बूँद बूँद सावन है।

भिगोकर अल्फाज मेरे अभी

नई राह दुनिया की दिखाता है।

 

पत्तों पर गिरे कितने मोती

गिन गिनकर चिड़िया खुश है।

सावन सावन करते।

मन मेरा विभोर है।

 

सावन में सजी धरती

इसका रंग अनोखा है

शब्द रूप गुंजते है।

ये सावन कुछ खास है।

मेरे दिल के पास है।

 

ये खिलता सावन

ये झूमता सावन

ये सादगी से भरा सावन है।

बरसता बरसता सा सावन है।

 



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