STORYMIRROR

Manoj Kumar

Romance Inspirational Thriller

4  

Manoj Kumar

Romance Inspirational Thriller

सावन आया

सावन आया

1 min
218

हरी भरी हरियाली छाई।

झूम रहे पेड़ों के डाली।।

मस्ती में कोयल है गाती।

मीठी मीठी गीत सुनाती।।

पंक में पंकज खिल आया।

सावन आया।


झूला पड़ा आम के डाली।

आसमान में छाई लाली।।

चिड़िया ची ची करती आए।

अम्बर देख देख मुस्काए।।

बादल से जब पानी आया।

सावन आया।


रंग बिरंगे फूल खिले।

मोर मोरनी गले मिले।।

ठंडी ठंडी हवा जब चलती।

सूर्य के किरणे देख मुस्काती।।

मेंढ़क ने जब संदेशा लाया।

सावन आया।


झूमती फसल कमर लचका कर।

 कीट पतंगे चूमते आकर।।

रिमझिम रिमझिम बारिश होती।

 चिड़िया आकर मस्ती करती।।

बादल ने जब शोर मचाया।

सावन आया।  


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance