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Manoj Kumar

Romance Thriller Others

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Manoj Kumar

Romance Thriller Others

सारी रात ढल चुकी है

सारी रात ढल चुकी है

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सारी रात ढल चुकी है

ग़म ये साए है

तू जो नहीं है सनम

तो लगता पराए है x2      गायक


कैसे रहूँ तुम बिन...

कैसे रहूँ तुम बिन...

कैसे रहूँ तुम बिन

जो तेरी याद आती है

दिल ये कुछ सुनता नहीं

तो आँखें भर जाती है


आती है जो यादें तेरी

नींद में जगाती हैं

दिल ये बेचैन रहता

आँखें डूब जाती है-।    गायक


कैसे रहूँ मैं भी जाना

याद तेरी आती है

दूर हैं ये रातें अपनी

जो तन्हा सताती है -।     गायिका


कैसे रहूँ तुम बिन...

कैसे रहूँ तुम बिन...

कैसे रहूँ तुम बिन

जो तेरी याद आती है....

दिल ये कुछ सुनता नहीं

तो आँखें भर जाती है 2

दिल ये कुछ सुनता नहीं

तो आँखें भर जाती है


ख़ाली है ये सफर अपना

कैसे बिताऊँ मैं...

तेरे बिन दिल सूना- सूना

किसको बताऊँ मैं...-।    गायिका


कर ले थोड़ा इंतज़ार

मैं लेने तुम्हें आऊँगा

सारे रस्में वादें है जो

मैं उसको निभाऊँगा।     गायक


कैसे रहूँ तुम बिन...

कैसे रहूँ तुम बिन...

कैसे रहूँ तुम बिन,

जो हर बात सताती है...

दिल ये कुछ सुनता नहीं

तो आँखें भर जाती है

दिल ये कुछ सुनता नहीं

तो आँखें भर जाती है।



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