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Hardik Mahajan Hardik

Romance

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Hardik Mahajan Hardik

Romance

सुहानी हवाएं

सुहानी हवाएं

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जब सुहानी हवाएं बह रही होगी।

तब तेरे कानों में कुछ कह रही होगी।


भीड़ तो तेरे आस-पास बहुत होगी।

तन्हाई तेरे आस-पास रह रही होगी।


जब चिड़िया चहक रही होगी।

तब तुझें कोई पुकार रहा होगा।


जब मिलेंगे मौसम में हम कहीं।

तब बारिश में तुम भीग रही होगी।


जब मिलेंगे अरमानों में हम कहीं।

तब तन्हाई तुझे कुछ पूछ रही होगी।


कभी कभी खुश हो रही होगी।

दूर रहकर भी पास रह रही होगी।


जिंदगी में भी कुछ कह रही होगी।


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