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Kamini sajal Soni

Abstract

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Kamini sajal Soni

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सांवरे के रंग रंगी मैं

सांवरे के रंग रंगी मैं

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ओ सांवरे मोपे ना डारो

ना भिगाओ मोरी सारी

काहे डालें अबीर गुलाल

दूंगी मैं तोको गारी।


केसर का रंग बनाकर

हरे बांस की पिचकारी।

तूने ऐसो रंग डारो सांवरे

हो गई मैं तो बावरी।


अपने ही रंग में रंग लो मुझको

होली के रंग ना भाये

देख के तेरी मोहिनी सूरत

तन मन हर्षा जाए।


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