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Mukesh Bissa

Romance

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Mukesh Bissa

Romance

रुक जाइये

रुक जाइये

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आपको अपना माना है

यूँ ही आप हमें मत ठुकराइये

अभी बहुत से वादे बाकी हैं

उन वादों को निभाते जाइये।


जमाने की हसरत थी

जुदा करने की हम दोनों को

ये हसरत मिटाकर

उसे अब जलाइए।


पता चल जाती है

आपके आने की आहट

आप खामोशी से 

मिलने तो आ जाइए।


आप की राह में

अब तलक वहीं बैठा हूँ

बस अपना दीदार दे के

आप चले जाइए।




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