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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance

प्रेम और चाय

प्रेम और चाय

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गरम

चाय 

की

चुस्की

की

तरह

है

प्यार

जिह्वा

पर

जाते

ही

छन

से

करता

है

और

तन

मन

में

स्फूर्ति

पैदा

कर 

देता

है

प्यार

भी 

कुछ

ऐसा

ही

होता

हैं 



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