STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance

3  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance

प्रेम

प्रेम

1 min
165

सिस्टम

से

नहीं

होता

है

प्रेम

सोच

समझ

कर

नहीं

होता

है

प्रेम

सुचारु

ढंग

से

नहीं

चलता

है

प्रेम

धीरे धीरे

नहीं

होता

है

प्रेम

कम

और

ज्यादा

नहीं

होता

है

प्रेम

करने

से

नहीं

होता

है

प्रेम

प्रेम

के

बीज

बोए

नहीं

जाते

खुद

खुद

उग

आता

है

प्रेम

सबके

समझ

से

परे

हैं 

प्रेम



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract