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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance

चोर की तरह होता है प्रेम

चोर की तरह होता है प्रेम

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चोर

की

तरह

होता

है

प्रेम

चुपके

से 

समा

जाता

है

दिल

में

दिमाग

में 

रूह

में

और

पता

नहीं

चल

पाता

है

कब

समा

गया 



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