STORYMIRROR

Shraddha Vyas Shah

Romance

5.0  

Shraddha Vyas Shah

Romance

"रंग तेरे! "

"रंग तेरे! "

1 min
292


खयाल तेरे,जैसे कस्तूरी महेके!

चाहत तेरी,जैसे सावन में मोर बहेके।

केसर सी लालीमा अंग अंग तेरे।

खिलती बसंत है रंग में तेरे।

तेरी मोहब्बत का नशा छाया है ऐसे

पहेली ही इबादत हो जैसे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance