रे यार बटोही
रे यार बटोही
रे बटोही
तेरी राह में खड़े होंगे
परेशानियों के विशाल पर्वत
मगर तू परेशान मत होना
हर मोड़ पर पसरे होंगे
हैरानियों के काले बादल
मगर तू हैरान मत होना
मंज़िल तुझे मिलेगी, बस चलते रहना
कुछ क़दमों की ही तो बात है
राह में कांटे भी होंगे
मगर तू बेचैन मत होना
बाहें फैलाये मायूसियाँ भी घूरती होंगी
मगर तू व्याकुल मत होना
मंज़िल तुझे मिलेगी, हिम्मत न हारना
कुछ क़दमों की ही तो बात है
कभी आँधी तो कभी तूफ़ान
चट्टान बन कर खड़े होंगे तेरे सामने
मगर तू थमना नहीं
दुश्मन की साजिशों के जाल
लटके होंगे हर शाख पर
मगर तू डिगना नहीं
मंज़िल तुझे मिलेगी, बस थकना नहीं
कुछ क़दमों की ही तो बात है।
