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Mukesh Bissa

Tragedy

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Mukesh Bissa

Tragedy

रावण अभी जिंदा है

रावण अभी जिंदा है

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मत जलाओ कागज के रावण

धरा नहीं है अब पावन

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


हो रहा नारी पर अत्याचार

पसर रहा है अनाचार

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


बेड़ियों में घिरी नारी

दहेज की भी लाचारी

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


फैल रहा है भ्रष्टाचार

हो रहा व्यभिचार

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


रिवाज पुराने बदलने हैं

जुल्म अभी नहीं सहने हैं

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


नेता बैठे कुर्सी पर

भर रहे अपना उदर

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


बढ़ गई कालाबाजारी

हो रही घूसखोरी

कितने रावण अभी जिंदा हैं।


न्याय में है कमजोरी

प्रसाशन में है मुँहजोरी

कितने रावण अभी जिंदा हैं।





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