रात भी तो हो
रात भी तो हो
कहती है आँखें उनसे मुलाक़ात भी तो हो
खुद को भुला बैठे है कभी बात भी तो हो।
देखी है तेरी तस्वीर हजारों में एक हो
दामन ख़ुशी से भर दूँ तू पर साथ भी तो हो।
दस्तक दूँ दिल पे या के तुम्हें कैद कर लूँ
पास में कोई ऐसी ही हवालात भी तो हो।
दर खोल आँखों के तू उतरना है मन में
काली घटा का क्या करे बरसात भी तो हो।
बारिश में भीग जाए "नीतू "साथ मेरे
रुख से हटा के जुल्फें कहूँ रात भी तो हो।

