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Indu Barot

Abstract

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Indu Barot

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राष्ट्रगान गायें हम

राष्ट्रगान गायें हम

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चलो मिलकर राष्ट्रगान गायें हम,

स्वतंत्र भारत का उद्घोष लगायें हम।

कितना मुश्किल था, ये सब कर पाना।

स्वतंत्र भारत के सपने को साकार बनाना।


असंभव नहीं, असंभव नहीं, कठिन बहुत था

लाल किले पर अपना झंडा फहराना।

नमन है उन वीरों को जिसने सब ये ठाना।

छोड़ो सारे काम धाम आओ तिरंगा फहराये हम।


स्वतंत्र भारत का उद्घोष लगायें हम।

इस दिन को लाने, जाने कितने वीरों ने दे दी अपनी जान है ।

वीर सपूतों का शोर्य, इस मिट्टी के कण कण में विधमान है

नहीं व्यर्थ होने देंगे, नहीं व्यर्थ होने देंगे, इन वीरों का बलिदान है।


आओ आज हरित, केसरिया और सफेद में रंग जायें हम

स्वतंत्र भारत का उद्घोष लगायें हम।

अब तो केवल विकास पथ पर बढ़ते हमको जाना है

विश्व पटल पर भारत को सबसे ऊँचा राष्ट्र बनाना है।


वसुधेव कुटुम्ब, वसधेव कुटुंब का अर्थ सभी को समझाना है

लेते आज इसी दिन ये प्रण हैं सब हम।

देश देश ने फैलायेंगे, हर देश में फैलायेंगे

भारत देश प्रेम की ख़ुशबू हम।


तो छोड़ो सारे काम धाम तिरंगा फहराये हम

चलो मिलकर राष्ट्रगान गायें हम।

स्वतंत्र भारत का उद्घोष लगायें हम।


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