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Saibalini Rayaguru

Classics Inspirational Children

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Saibalini Rayaguru

Classics Inspirational Children

राष्ट्र देवता

राष्ट्र देवता

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तुम पर न्योछावर फूल,

केसरिया शीश फूल,

ओ देवता, राष्ट्र के देवता।


तेरी हथेली उठी,

किरणें उगने लगी,

ऋतु हो गई चंपाई,


दिन की सांसें जगी,

तू ने दिया रात को,

गुलाबी सुबह का पता,

ओ देवता, राष्ट्र के देवता।


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