Alok Singh
Romance
अधरों से कर अधरों ने बातें,
बातें अधूरी छोड़ गया
ओठों पे रख इश्क़ का चुंबन
प्यासा मुझको छोड़ गया
भर के मुझको बाहों में
तनहा मुझको छोड़ गया
करके खुद को मेरे हवाले
मुझको अकेला छोड़ गया।
रिश्तें
सफलता
उभरते जज्बात
शेर
गणतंत्र _दिवस
मजदूर मजबूर
सॉरी हाथी मेर...
गाँधी
शब्दों की आवा...
वह भले ही साथ ना मेरे सही , उनकी यादें तो साथ है मेरे। वह भले ही साथ ना मेरे सही , उनकी यादें तो साथ है मेरे।
तुम मेरे भाग्य में नहीं हो पर अहसास में हो। तुम मेरे भाग्य में नहीं हो पर अहसास में हो।
तेरे नजरों में ना देख सकता रकीब, तेरे हुस्न का मैं दीवाना हूं गरीब। तेरे नजरों में ना देख सकता रकीब, तेरे हुस्न का मैं दीवाना हूं गरीब।
खुद को ढूंढ लूँ काश कभी यूँ ही चलते - चलते। खुद को ढूंढ लूँ काश कभी यूँ ही चलते - चलते।
जिन्दगी की पहली खुशी हो तुम मेरे पहला प्यार हो जिन्दगी की पहली खुशी हो तुम मेरे पहला प्यार हो
ऐसे में नौका विहार का है बड़ा आनंद ऐसे में नौका विहार का है बड़ा आनंद
जासूस है वो सब जान लेता है। जासूस है वो सब जान लेता है।
ना छोड़ पाऊँ पूरा और ना अपना सकूँ ये भी शायद पूरा ना छोड़ पाऊँ पूरा और ना अपना सकूँ ये भी शायद पूरा
जैसे कि तुम सिर्फ तुम हो और मैं सिर्फ तुम ही हो जैसे कि तुम सिर्फ तुम हो और मैं सिर्फ तुम ही हो
तेरे कजरा, तेरे नैना ये जुल्फें और गालों में, जरा सा खो गया हूँ मैं, तेरे कजरा, तेरे नैना ये जुल्फें और गालों में, जरा सा खो गया हूँ मैं,
क्यों ढलता है सूरज क्यों रात होती है क्यों आपको मैं आकर फिर नींद सोती है। क्यों ढलता है सूरज क्यों रात होती है क्यों आपको मैं आकर फिर नींद सोती ह...
तेरे ईश्क की परछाई हूं मै, अपने पीछे चलने दे। तेरे ईश्क की परछाई हूं मै, अपने पीछे चलने दे।
मैं मस्त फ़कीरा बन बैठा दिल अपना तुझको दे बैठा। मैं मस्त फ़कीरा बन बैठा दिल अपना तुझको दे बैठा।
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
जुल्फों का यूं लहराना, क्या तुझे भी मुझसे प्यार है जुल्फों का यूं लहराना, क्या तुझे भी मुझसे प्यार है
आदतन तुम धीरे धीरे सो जाया करती हो। सारी सारी रात मैं तुम्हे देखा करता हूं आदतन तुम धीरे धीरे सो जाया करती हो। सारी सारी रात मैं तुम्हे देखा करता हूं
साथ कुछ पल ही सही, निभाने तो आ… दिल लगाने न सही, दुखाने तो आ। साथ कुछ पल ही सही, निभाने तो आ… दिल लगाने न सही, दुखाने तो आ।
दो जून की रोटी को तरसते देखे गरीब, बुरे मिलते बेचारों के , अपने ही नसीब। दो जून की रोटी को तरसते देखे गरीब, बुरे मिलते बेचारों के , अपने ही नसीब।
मेरी धड़कनों पर नाम तेरा है तेरी आवाज़ को ये पहचाने हैं। मेरी धड़कनों पर नाम तेरा है तेरी आवाज़ को ये पहचाने हैं।