Alok Singh
Inspirational
गुज़र जाती है रात चाहे काली कितनी हो
एक ये अहसास है जो रात दिन साथ रहता है
रिश्तें
सफलता
उभरते जज्बात
शेर
गणतंत्र _दिवस
मजदूर मजबूर
सॉरी हाथी मेर...
गाँधी
शब्दों की आवा...
जिंदगी में जब कुछ भी अच्छा नजर नहीं आता मतलबी दुनिया में कोई सच्चा नजर नहीं आता। जिंदगी में जब कुछ भी अच्छा नजर नहीं आता मतलबी दुनिया में कोई सच्चा नजर नहीं...
संस्कारो की राह पे चलना बड़ो का मान रखना। संस्कारो की राह पे चलना बड़ो का मान रखना।
है अखिल विश्व परिवार हमारा, लेकिन सब दुनिया से ही न्यारा। है अखिल विश्व परिवार हमारा, लेकिन सब दुनिया से ही न्यारा।
खुद की तलाश में, जब बाहर पड़े कदम मालूम न था कि, राह भटक रहे हैं हम। खुद की तलाश में, जब बाहर पड़े कदम मालूम न था कि, राह भटक रहे हैं हम।
ऋषियों ने समझाया हमको भक्ति मिटा सकती अहँकार। ऋषियों ने समझाया हमको भक्ति मिटा सकती अहँकार।
अपनी सभ्यता और संस्कृति को भुलाना, ये बात बिलकुल अच्छी नहीं है। अपनी सभ्यता और संस्कृति को भुलाना, ये बात बिलकुल अच्छी नहीं है।
ये जीवन-चक्र है कैसी उधेड़बुन ...? कोई पार न पाया। ये जीवन-चक्र है कैसी उधेड़बुन ...? कोई पार न पाया।
किताबें छोड़ फोनों को, नया रहबर बनाया है। किताबें छोड़ फोनों को, नया रहबर बनाया है।
लाल गोल सूर्य शाम अस्न गिरि चूमता। लाल गोल सूर्य शाम अस्न गिरि चूमता।
तदबीर से ही फिर गढ़ी जा सकती किस्मत की लकीरें। तदबीर से ही फिर गढ़ी जा सकती किस्मत की लकीरें।
चल रही थी जीवन की पथरीली राह पर । अपने ख्यालों में मगन चल रही अपनी राह पर। चल रही थी जीवन की पथरीली राह पर । अपने ख्यालों में मगन चल रही अपनी ...
ख्याल तो जरूर आता होगा, आगे निकलने का। ख्याल तो जरूर आता होगा, आगे निकलने का।
कौन कहता है की परियां खाली परी लोक में होती हैं। कौन कहता है की परियां खाली परी लोक में होती हैं।
परम यथार्थ ये जीवन अपना अंतरमन भगवान है। परम यथार्थ ये जीवन अपना अंतरमन भगवान है।
नारी का हृदय, रहस्य है गूढ़तम उसे जानने को, उठाएं न कदम। नारी का हृदय, रहस्य है गूढ़तम उसे जानने को, उठाएं न कदम।
आओ हम सब मिलकर आज दीये जलाएं, सृष्टि का कल्याण हो बस मांगें यही दुआएं| आओ हम सब मिलकर आज दीये जलाएं, सृष्टि का कल्याण हो बस मांगें यही दुआएं|
लगता है मन के अंदर कई मन छिपे हैं रहस्य अलग अलग दबाए है हर कोना। लगता है मन के अंदर कई मन छिपे हैं रहस्य अलग अलग दबाए है हर कोना।
हमनें सुनी थी परियों की कहानी राजकुमार की प्रेम कहानी। हमनें सुनी थी परियों की कहानी राजकुमार की प्रेम कहानी।
देश के समक्ष और भी मसले बहुत हैं, इन मसलों को तुम और बढ़ाओ मत। देश के समक्ष और भी मसले बहुत हैं, इन मसलों को तुम और बढ़ाओ मत।
ख्वाहिशें तो बहुत हैं मेरी चाँद और सितारों की तरह मैं बन जाऊँ। ख्वाहिशें तो बहुत हैं मेरी चाँद और सितारों की तरह मैं बन जाऊँ।