Alok Singh
Inspirational
गुज़र जाती है रात चाहे काली कितनी हो
एक ये अहसास है जो रात दिन साथ रहता है
रिश्तें
सफलता
उभरते जज्बात
शेर
गणतंत्र _दिवस
मजदूर मजबूर
सॉरी हाथी मेर...
गाँधी
शब्दों की आवा...
अधर्म पर धर्म की जीत का है ये पर्व पावन, अधर्म प्रतीक रूप में जलेगा आज फिर से रावण। अधर्म पर धर्म की जीत का है ये पर्व पावन, अधर्म प्रतीक रूप में जलेगा आज फिर से...
माता कष्ट निवारिणी, कर दो बेड़ा पार। माता कष्ट निवारिणी, कर दो बेड़ा पार।
दौड़ी दौड़ी गोपियां आई, सज के सोलह सिंगार, दौड़ी आई राधा रानी, यमुना तीरे आज। दौड़ी दौड़ी गोपियां आई, सज के सोलह सिंगार, दौड़ी आई राधा रानी, यमुना तीरे आज।
यह मानता हूँ कि हम सारे ही एक क्षितिज के तारे हैं। यह मानता हूँ कि हम सारे ही एक क्षितिज के तारे हैं।
कैसे पल प्रति पल यह वक़्त बदलता रहता है कैसे पल प्रति पल यह वक़्त बदलता रहता है
बदरी बनकर वृन्दा तुलसी बनकर उनकी नित्य सेवा में समर्पित, बदरी बनकर वृन्दा तुलसी बनकर उनकी नित्य सेवा में समर्पित,
योगी की ऑंखों में धधक रही होती है भट्टी वैराग्य की भट्टी ,वहाँ नहीं झांकें। योगी की ऑंखों में धधक रही होती है भट्टी वैराग्य की भट्टी ,वहाँ नहीं झांकें।
लाखों राजा, महाराजा आए आख़िर मिल गए इसी मिट्टी में । लाखों राजा, महाराजा आए आख़िर मिल गए इसी मिट्टी में ।
क्योंकि बीता है वहाँ पर, कभी मेरा प्यारा बचपन। क्योंकि बीता है वहाँ पर, कभी मेरा प्यारा बचपन।
टूटते हैं कहां रिश्ते तकरार के संग प्यार भी पलता रहे। टूटते हैं कहां रिश्ते तकरार के संग प्यार भी पलता रहे।
नवरात्रि की रातों में, धूमधाम और रौशनी है, नौ दिनों के इस त्योहार में ,एक आत्मानुभूति। नवरात्रि की रातों में, धूमधाम और रौशनी है, नौ दिनों के इस त्योहार में ,एक आत्...
अच्छा हो गया तो भगवान की कृपा है यदि बुरा हो जाए तो ईश्वर की इच्छा है। अच्छा हो गया तो भगवान की कृपा है यदि बुरा हो जाए तो ईश्वर की इच्छा है।
पग पग संग एक डगर चलें बदल जाएगी ऋतु चहुंओर। पग पग संग एक डगर चलें बदल जाएगी ऋतु चहुंओर।
अपना जीवन है एक लाईफ-स्टाइल! लाइफ है;ब्यूटीफुल गाडऀन.. अपना जीवन है एक लाईफ-स्टाइल! लाइफ है;ब्यूटीफुल गाडऀन..
कुछ शब्द कागज पर ऐसे उतर जाते हैं कि मन मस्तिष्क में प्राय घर कर जाते हैं। कुछ शब्द कागज पर ऐसे उतर जाते हैं कि मन मस्तिष्क में प्राय घर कर जाते हैं।
जो हो गए हैं बलहीन रण में और कर्मयुद्ध से भागे हैं। जो हो गए हैं बलहीन रण में और कर्मयुद्ध से भागे हैं।
दशहरा केवल वैदेही की मुक्ति की कहानी नही। दशहरा केवल वैदेही की मुक्ति की कहानी नही।
ये सृष्टि का भी नियम है, हर दिन किसी न किसी की नई शुरुआत होती है। ये सृष्टि का भी नियम है, हर दिन किसी न किसी की नई शुरुआत होती है।
नारी अपना आत्मविश्वास जगाओ स्वाभिमान से उद्दीप्त हो उठो। नारी अपना आत्मविश्वास जगाओ स्वाभिमान से उद्दीप्त हो उठो।
मेरी उदासी में भी वही है मेरी प्रसन्नता में भी वही है , मेरी उदासी में भी वही है मेरी प्रसन्नता में भी वही है ,