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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

प्यार

प्यार

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प्यार किसी सरहद को

नहीं माना करता है।


प्यार के आगे तो मज़हब भी

झुका करता है।


ये ख़ुदा का बनाया हुआ

वो पाक दामन है साखी,


जिसे चूमने के लिये

वो ख़ुदा भी तरसा करता है।


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