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ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Inspirational Children

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ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Inspirational Children

प्यार

प्यार

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मुझे प्यार है नक्षत्र कहता

रात की अंधियारी हटाकर

चाँदनी बिखेर नाना दिशा में

चंद्रमा ने कहा सुनो प्यार है।


नीरदों ने स्वयं गश्त करके

नील व्योम के शून्य प्रदेश में

बार बार फिर बरसात होकर

ठंडी से कहा मुझे प्यार है।


हरित पत्रों के ऊपर विराजती

हिमकणों की निःशब्द द्युति में

मुस्कुराहट बिछाकर रवि ने

हृदय खोलकर रट रहा प्यार है।


प्रेमजल को निरंतर बहाकर 

नद सरोवर भी शुद्ध प्रहर्ष से

प्यास बुझाने समागत तृणों से

नम्रता से क्या कह रहा प्यार है।


जलधि तरंग सदा उठ उठकर

नभ को छू छूकर प्यार दिया ।

बढ़िया होगा जीवन सबका

आपस दिल खोल प्यार करो।



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