STORYMIRROR

D.N. Jha

Inspirational

4  

D.N. Jha

Inspirational

बैठे किनारे तकता कब तक

बैठे किनारे तकता कब तक

1 min
291

बैठे किनारे तकता कब तक।

नदी समंदर तकता कब तक।


लो अब इसमें कूद गया।

डूब गया तो डूब गया‌।


कोशिश की तो सीख गया‌।

तैर गया तो  जीत गया।


साहस वाला तैर गया।

बैठ रहा वह हार गया।


साहस नहीं जुटाई जिसने।

हार ही गले लगाई उसने।


नदी में भी यूॅं उफान आई।

समंदर में जा छलाॅंग लगाई।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational