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D.N. Jha

Inspirational

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D.N. Jha

Inspirational

क्रांति की ज्वाला

क्रांति की ज्वाला

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क्रांति की ज्वाला को‌ उसने,                     

हर दिल में धधकाई जैसे।

भारत भू सदा ऋणी रहेगा,                    

आजादी की लौ जलाई जिसने।


आजादी की कीमत में उसने,

था खून बहाया पानी जैसे।

भारत माॅं का सच्चा सिपाही,                   

क्रांति की मशाल जलाई जिसने।


तन-मन धन अर्पण कर उसने,

था खुद को झोंक दिया जैसे।

मां भारती का सच्चा सपूत,

अमर गाथा लिख दिया जिसने।


 'जय हिन्द'का नारा दिया उसने,

'दिल्ली चलो'साथ बुलाया जैसे।

"तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा"

ये कहकर आजादी की लौ जलाई जिसने।



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