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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

प्यार में बेवफाई

प्यार में बेवफाई

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तेरे बिना ये जीवन मेरा,

कैसे बिताऊंगा मैं? 

दिल में बसी है तस्वीर तेरी,

कैसे मिटाऊंगा मैं?.....

प्यार किया था तुझ को मैंने,

सपने सजाये थे।

सपनों का महल अब टूटा है मेरा,

कैसे रहे पाऊंगा मैं?....

मदहोश बनकर तेरे यौवन से,

पागल बना था मैं।

छोड़ गई दिल तोड़ के मेरा,

कैसे भूल पाऊंगा मैं?.....

नफ़रत की आग जलाई तूने ,

ज़ख़्मी बना हूँ मैं।

बेवफाई तेरी देखकर "मुरली",

कैसे जी पाऊंगा मैं?



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