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Dr. Priya Kanaujia

Romance

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Dr. Priya Kanaujia

Romance

प्यार की किश्त

प्यार की किश्त

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तुझे पता है जब तेरे निकलने पे ही आ पाता है वो ,  

तभी तू खुद पे इतना इतराता है ऐ बेरहम बैरी चांद,   

तेरे आने पे ही तो मिलती है मुझे प्यार की वो किश्त,

मन को छूकर गुजरता है जब उसके होने का अहसास,

ऐ बैरी चांद जरा जल्दी आया कर चांदनी से तू मिलने, 

ताकि मेरा चांद भी आ पाये प्यार से मुझसे गले लगने!



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