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aazam nayyar

Abstract Tragedy Inspirational

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aazam nayyar

Abstract Tragedy Inspirational

प्यार की खीर खाओ

प्यार की खीर खाओ

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🌹Ghazal 


छोड़कर साथ मेरा मत जाओ नहीं!

इस तरह से मुझे तुम रुलाओ नहीं


अब हक़ीक़त में आओ सनम अब मेरे

रोज़ यूं ख़्वाब में मेरे आओ नहीं


साथ मेरा निभाना नहीं चाहते 

झूठे इल्जाम मुझपे लगाओ नहीं 


मुश्किल से मिलता है प्यार देखो सनम 

और मत प्यार में यूं सताओ नहीं 


प्यार की गुफ़्तगू कुछ करो भी ज़रा 

शब्द तीखे मुंह पे यूं मत लाओ नहीं 


फ़ूल कर लो मुहब्बत का दिल से क़बूल 

हाथ में पत्थर यूं मत उठाओ नहीं 


छोड़ो भी आज़म से ये करने अब गिले 

यूं मुहब्बत में ही दिल जलाओ नहीं।

आज़म नैय्यर 


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