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Rajeev Tripathi

Abstract Romance Others

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Rajeev Tripathi

Abstract Romance Others

प्यार की हद

प्यार की हद

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हमारी ही हदें तय करने में लगे रहते हो

आप दुश्मन हो दोस्त बनने में लगे रहते हो

तुम्हारा प्यार समझा तो यह जाना हमने

बे अदब हो मगर अपने बनने में लगे रहते हो

शिकायत तुमसे हो हमें क्यों कर

ख़ता करके तुम मुकरने करने में लगे रहते हो

हया तुम में ढूंढना मुनासिब ही नहीं है

ख़ता करके तुम सुधरने में लगे रहते हो

हमसे ग़रज़ तुम्हारी दो-चार दिन की है

मर रहे हैं हम और तुम तड़पने में लगे रहते हो

किस्सा मोहब्बत का है और तुम

हमारे ऐब गिनने में लगे रहते हो

वक़्त बे वक़्त नज़र न लग जाए कहीं

सामने आईने के सँवरने में लगे रहते हो

कितना मुश्किल है तो छोड़ दो मुझको

ख़ामख़ाह मुझ को समझने में लगे रहते हो 

इश्क़ को भी देखना रुसवा करोगे

प्यार में मरने की दुआ करने में लगे रहते

हमारी ही हदें करने में लगे रहते हो

आप दुश्मन हो दोस्त बनने में लगे रहते हो



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