STORYMIRROR

Bhavesh Parmar

Romance Classics

3  

Bhavesh Parmar

Romance Classics

प्यार का रिश्ता

प्यार का रिश्ता

1 min
631

काश! ऐसा कोई करिश्मा मेरी जिद़गी में भी हो जाएं,

जो बिछ़डा था वो मुझे फ़िर कहीं अचानक मिल जाएं।


तरसता हूं पाने को साथ मैं उसका वो आज़ मिल जाएं,

नहीं रहना अब अकेले उसका साथ मुझे हमेंशा हो जाएं।


अधूरी हमारी कहानी जरुर रही आज़ वो पूरी हो जाएं,

लिख दे तु मेरा हमसफ़र उन्हें ख़ुदा तो जिंद़गी बदल जाएं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance