Dr. Priya Kanaujia
Romance
बड़ा कातिल है तेरा ये अंदाज ए इश्काना
बिन कहे तेरा अहसास दिल को छू जाना
मेरे दिल को भाया तेरा दिया वो नजराना
तेरे लबों से मेरे नाम को प्यार से पुकारना।
छल
कलयुगी प्यार
राह
ज़िद
मेरा मीत
वहम
अनकही
कड़वाहट
उलझन
मैं
अब तो इंतजार के आंसू भी मेरी पलकों में आकर सूख गए, अब तो इंतजार के आंसू भी मेरी पलकों में आकर सूख गए,
अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में। अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में।
रोज की चाय की तरह, मेरे साथ ही बने रहना। रोज की चाय की तरह, मेरे साथ ही बने रहना।
मिले थे जिस ख़याल से फिर वो ख़याल लें चले मिले थे जिस ख़याल से फिर वो ख़याल लें चले
चाहत की मंजिल जीवन की सौगात प्रिये तेरे ही मिल जाने से हो जीवन उद्धार प्रिये।। चाहत की मंजिल जीवन की सौगात प्रिये तेरे ही मिल जाने से हो जीवन उद्धार...
नशे में मैं भी हूँ, और तुम भी हो, और है ये दुनिया भी न क्यों मयखाना कहलाए, अभी से अब य नशे में मैं भी हूँ, और तुम भी हो, और है ये दुनिया भी न क्यों मयखाना कहलाए, अभ...
जानता हूँ मैं आभास भी होता है तेरे महकने के पीछे तेरी आनंदित खुशबू के पीछे जानता हूँ मैं आभास भी होता है तेरे महकने के पीछे तेरी आनंदित खुशबू के प...
बेशक भूल जाए, ये ज़माना अब मुझको.. सिर्फ़ इक तेरा, बस अब मैं ख़ास हो जाऊँ.....!! बेशक भूल जाए, ये ज़माना अब मुझको.. सिर्फ़ इक तेरा, बस अब मैं ख़ास हो जाऊँ......
प्रेम को परिभाषित करती है तुम्हारी ऊँगली यूँ न घुमाओ पीठ पर. प्रेम को परिभाषित करती है तुम्हारी ऊँगली यूँ न घुमाओ पीठ पर.
सुन मेरे चांद आज इंतज़ार ना करा, मेरे महबूब की खातिर आज आसमान में जल्दी आजा. सुन मेरे चांद आज इंतज़ार ना करा, मेरे महबूब की खातिर आज आसमान में जल्दी आजा.
ये तो फूल हैं जो भगवान के शीश पर चढ़कर जरा भी ना इतराते हैं । ये तो फूल हैं जो भगवान के शीश पर चढ़कर जरा भी ना इतराते हैं ।
तुम बिन सावन का हर रंग केवल पीड़ा दे रहा था, फैली थी चारों और उदासी सब थे बस प्यार नहीं तुम बिन सावन का हर रंग केवल पीड़ा दे रहा था, फैली थी चारों और उदासी सब थे बस प्...
बादल-पृथ्वी-रवी का मेल बतलाता इसकी गहराई हैं ! बादल-पृथ्वी-रवी का मेल बतलाता इसकी गहराई हैं !
किताबों में छुपा गुलाब मौन, तुम्हारी कहानी सुनाता रहा। किताबों में छुपा गुलाब मौन, तुम्हारी कहानी सुनाता रहा।
वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता है वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता ह...
कभी-कभी बंद निगाहें भी, मन की खिड़की खोलती है। कभी-कभी बंद निगाहें भी, मन की खिड़की खोलती है।
तकदीर में मेरी वो ना हो अगर.... रूह में तो समाये है मेरी मगर तकदीर में मेरी वो ना हो अगर.... रूह में तो समाये है मेरी मगर
मै सोता हूं वो जागती है दुआ मेरे लिए वो मांगती है! मै सोता हूं वो जागती है दुआ मेरे लिए वो मांगती है!
यूं अलग-अलग घरों में पड़े रह कर तड़पना अब तो खलने लगा है जी। यूं अलग-अलग घरों में पड़े रह कर तड़पना अब तो खलने लगा है जी।
चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं। चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं।