STORYMIRROR

केसरिया उमापति

Romance

3  

केसरिया उमापति

Romance

प्रिय डायरी (छोड़ दिया शहर)

प्रिय डायरी (छोड़ दिया शहर)

1 min
215

छोड़ दिया शहर तेरा,

पर दिल से तुझे भुला न सका।

तोड़ दिया नाते सारे,

पर तेरी यादों को मिटा ना सका।


हर वक़्त भीगता हूं

तेरे एहसासों की बारिश में,

जीता हूं टूटे ख्वाब

और हवाओं की साज़िश में।

मोड़ दिया दिशाओं को,

पर उन राहों को मिटा ना सका।

छोड़ दिया शहर।


तू याद नहीं आती,

तुझे भूला ही कब था?

मैं वहीं था,

पुकारा तूने जहां था, जब था।

फेर लिया नज़रों को,

पर नजर से तुझे हटा ना सका।

छोड़ दिया शहर तेरा,

पर दिल से तुझे भुला न सका।

     



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance