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Gajanan Pandey

Drama

3  

Gajanan Pandey

Drama

प्रेम

प्रेम

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ईश्वर ने नर - मादा को जन्म दिया

प्रेम का बीज हृदय में बोया

पौधे ने वृक्ष का रूप लिया


नव पल्लव संग लागे फल

प्रेम- युगल जब संग मिले

सृष्टि के तब भाग्य जगे।


ये सब लीला मायापति की

प्रेम - बंधन में बांधा जग को

नव- सृजन ही जीवन है

ये सिखलाया सारे जग को।


ये सब है ईश्वर की लीला

माया से सृष्टि का चक्र रचा

सृजन में जीवन का सुख है

हर प्राणी को ये मंत्र दिया।


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