STORYMIRROR

Hitesh pal

Romance

4  

Hitesh pal

Romance

प्रेम पत्र

प्रेम पत्र

1 min
389

वह भी क्या ज़माना था

प्रेम को सिर्फ़ पत्रों से जताना था

ना मिलना था ना घुमने जाना था

सिर्फ़ अपना हाल पत्रों पर बताना था

फिर भी प्यार कितना सुहाना था

वह भी क्या ज़माना था ।।


पत्र की राह मे कई राते गँवाना था 

पत्र पढ़ कर भी ख़ुशी छुपाना था

कोइ देख ना ले ऐसे मिलने बुलाना था

मिलकर भी हर गम छुपाना था

सिर्फ़ हँसता हुआ चेहरा दिखाना था

वह भी क्या ज़माना था ।।


प्यार मे न उपहार का लालच था

तन से न वासना का ताल्लुक़ था

सिर्फ़ दिल से ही प्यार निभाना था

एक को ही दिल से चाहना था

उसी का नाम ज़िंदगी भर गाना था

वह भी क्या ज़माना था।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance