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Hemant Kumar Saxena

Abstract

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Hemant Kumar Saxena

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प्रेम पथ

प्रेम पथ

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छोड़ दियो सब राज को तुमने,

संतन बीच मन कीर्तन धारी,


कह सब दुनिया तुमको पगली,

तुम बनीं मीरा श्रीकृष्ण पुजारी,


प्रेम के पथ तट चल कर तुमने,

विश्व प्रेम विजय कर डारी,


छाछ के घूॅट तट नाच नचायो,

तुम राधे श्रीकृष्ण बिहारी।



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