STORYMIRROR

अंकित शर्मा (आज़ाद)

Romance Classics

4  

अंकित शर्मा (आज़ाद)

Romance Classics

प्रेम : गुलाब (🌹)

प्रेम : गुलाब (🌹)

1 min
300

फूल है गुलाब का थाम लीजिए

एक बार ही सही, मेरा नाम लीजिए


कहना तो था मुझे बहुत

शायद कह पाऊं ना

जिन जंजीरों में जकड़ा हूं

उन्हें तोड़ पाऊं ना

इस फूल से मेरे दिल का पैगाम लीजिए,

फूल है गुलाब का बस थाम लीजिए।।


लाल रंग की नाजुक पत्री

कुछ तो कहती है

महक तेरी यादों की दिल में

हरदम रहती है

इन अहसासों को कोई तो अब 

नाम दीजिए 

फूल है गुलाब का बस थाम लीजिए....


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance