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Lokanath Rath

Action Inspirational Thriller

4  

Lokanath Rath

Action Inspirational Thriller

पल पल....

पल पल....

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पल पल हर पल 

क्या हैं ये सुरीला पल, 

खटी मीठी अहसास की 

 कुछ कल कुछ आज और कल. 


वो पल ये पल आनेवाले पल 

 कभी खुशी कभी गम की पल, 

सोचु कभी फिर जाऊ भूल 

पर साथ ना छोड़ा ये पल. 

वो पल ये पल.... 


जो मेरे साथ थे अब कुछ 

 छोड़ हमें गए चल, 

वो गुजरे दिन वो यादें 

सताते हम अब हर पल. 

वो पल ये पल........ 


अब तो बस कुछ सोचु 

हर दिन धड़कता ये दिल, 

आंसू छुपाके मुस्कुराता हूँ 

सब मे खुशी बाँट लू हर पल. 

वो पल ये पल........ 


आनेवाला खुशी की इंतज़ार मे 

काम करता जाऊं आज कल, 

आएगा फिर मुस्कुरा लेके 

सब की ओठों पे ये जमीं तल. 

वो पल ये पल.... 


वो भी क्या दिन था 

अच्छे या बुरा गुजरा कल, 

अब अहसास होने लगा 

"अच्छे दिन"की कुछ पल. 

वो पल ये पल........ 


कल तक जो अपना थे 

 पर अलग ते हर तरहे इस जमीं पर, 

आज हम सब एक हुए 

 ये "अच्छे दिन " तो अहसास कर. 

वो पल ये पल...... 


कभी "अच्छे दिन" ढूंढ़ते नहीं 

 वो तो अच्छे कर्मो का फल, 

जैसे सूरज की रोशनी से 

 चमकता है हर दिन हर पल. 

वो पल ये पल...... 


कब कौन पास है कौन दूर जायेगा 

 इस कस्मकस मे है कियूं इस पल, 

पर ये जो "अच्छे दिन " आया 

याद करेगा आनेवाला हर पल. 


वो पल ये पल आनेवाले पल 

कभी खुशी कभी गम की पल, 

सोचूँ कभी फिर जाऊँ भूल 

पर साथ ना छोड़ा ये पल।


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