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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Action Inspirational


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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Action Inspirational


हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम

हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम

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हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम।

स्वास्थ्य-जीवन के तुम रक्षक,

समर्पित रहते हो आठों याम,

हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।


प्रभु को तो है देखा नहीं कभी,

बस कल्पना करते हैं सुबह-शाम।

मानव-मानवता हित में रत देखा है,

कर्त्तव्य भाव संग-बिन किए आराम। 


हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम।

स्वास्थ्य-जीवन के तुम रक्षक,

समर्पित रहते हो आठों याम,

हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।


आप बिन वर्ग भेद देते सेवा,

कभी भेदभाव करते आप नहीं।

रोगी को जो भी होता है हितकर ,

करते हैं उचित तज लाख काम।


हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम।

स्वास्थ्य-जीवन के तुम रक्षक,

समर्पित रहते हो आठों याम,

हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।


मानव का जीवन तो है अमोल,

औषधि के संग तव मधुर बोल।

पीयूष सदृश जिजीविषा के हित,

करती बूटी-संजीवनी का काम।


हे वसुधाप्रभु !तुमको प्रणाम।

स्वास्थ्य-जीवन के तुम रक्षक,

समर्पित रहते हो आठों याम,

हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।


क्षत्रिय-धर्म निभाया कोविड वेला में,

निज प्राणों चिंता न कुछ भी मन में।

किया प्राणोत्सर्ग कई चिकित्सक वीरों ने,

नमन बलिदान को और कोटिक प्रणाम।


हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम।

स्वास्थ्य-जीवन के तुम रक्षक,

समर्पित रहते हो आठों याम,

हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।


भारत रत्न वी सी राय की स्मृति में,

प्रथम जुलाई दिन तय तव स्तुति में।

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के दिन पर,

सारे जीवनरक्षक डाक्टरों को प्रणाम।


हे वसुधाप्रभु ! तुमको प्रणाम।

स्वास्थ्य-जीवन के तुम रक्षक,

समर्पित रहते हो आठों याम,

हे वसुधा प्रभु ! तुमको प्रणाम।


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